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म्यूचुअल फंड (Mutual Fund): नेट एसेट वैल्यू (NAV) क्या है? कैसे होती है इसकी गणना

म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) के निवेशकों के लिए NAV को समझना बेहद ही जरूरी है। आसान भाषा में कहें तो नेट एसेट वैल्यू (Net Asset Value-NAV) का मतलब आपके निवेश की मार्केट वैल्यू होती है। म्यूचुअल फंड में निवेश की प्रति यूनिट के आधार पर नेट एसेट वैल्यू तय की जाती है। प्रति यूनिट का NAV निकालने के लिए फंड के पास जमा कैश सहित पोर्टफोलियो (Portfolio) के सभी शेयरों (Shares) के बाजार भाव (Market Value) के कुल योग में से देनदारियों को घटाने के बाद बकाया जो भी बचे उसे यूनिट की कुल संख्या से विभाजित करके निकाला जाता है। किसी फंड की NAV हर दिन के कारोबार के अंत में एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Asset Management Company) गणना करती है। सिर्फ ETF की NAV बाज़ार के साथ-साथ चलती है।

NAV = (Assets – Liabilities) / Total Number of Units

मार्केट के उतार-चढ़ाव के साथ घटती बढ़ती है NAV – net asset value meaning in hindi

म्यूचुअल फंड में यूनिट की बेस वैल्यू 10 रुपए या 100 रुपए होती है। हर कारोबारी दिन में फंड के पोर्टफोलियो के बाजार भाव के मुताबिक ही यूनिट का NAV घटता बढ़ता रहता है। NAV किसी म्यूचुअल फंड के यूनिट के ग्रोथ को दर्शाता है। यदि आप किसी फंड में 20 रुपए प्रति यूनिट की NAV पर निवेश करते हैं और एक साल बाद यदि उस यूनिट की NAV 40 रुपए प्रति यूनिट हो जाती है तो उस फंड ने 100% रिटर्न दिया है। कई निवेशकों में गलत धारणा रहती है कि कम NAV वाला फंड अच्छा रिटर्न देगा और ज्यादा NAV वाला फंड कम रिटर्न देगा। लेकिन ऐसी सोच गलत है, क्योंकि किसी फंड का भविष्य में कैसा प्रदर्शन रहेगा तय नहीं किया जा सकता है। फंड का प्रदर्शन निवेशित इंस्ट्रूमेंट के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

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