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अपने रिटेल कारोबार को कैसे ऑनलाइन ले जाएं?

BY ALOK KUMAR

ऑनलाइन स्टोर्स के लिए किस-किस तरह के विकल्प बाजार में मौजूद हैं….

हम सभी जानते हैं कि एमेजॉन (Amazon) सिर्फ 25 सालों में एक ट्रिलियल डॉलर की कंपनी बन चुकी है। दूसरी तरफ घरेलू कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने अपने शुरुआत होने के एक दशक से कुछ ज्यादा समय में ही दुनिया की दिग्गज रिटेल कंपनी वॉलमार्ट (Walmart) को अपना कारोबार 20 अरब डॉलर के बड़े वैल्यएशन में बेच चुकी है। उड़ान (Udaan) 2016 में शुरू हुई और 3 सालों में कंपनी का वैल्युएशन 7.5 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। उड़ान पहली स्टार्ट-अप कंपनी है जिसे इतने कम समय में यूनिकॉर्न का स्टेटस मिला। यानी ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में ग्रोथ की तो अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसे भुनाने के लिए रिटेलर्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म के अलग-अलग पहलुओं को समझना बेहद जरूरी है। फिर फायदे और नुकसान को देखकर अपने अगले ऑनलाइन पोर्टल या ई-कॉमर्स वेंचर पर फैसला करने की जरुरत है।

मैं 10 साल से भी ज्यादा समय से रिटेल इंडस्ट्री का स्टूडेंट रहा हूं, जब से टेक्नोलॉजी और इंटरनेट ने रिटेल इंडस्ट्री को कमजोर किया और ई-कॉमर्स का युग शुरू हुआ तब से यानी यूं कहें कि ई-कॉमर्स के शुरुआती दौर से मैं इस इंडस्ट्री से जुड़ा हूं। लेखों की एक श्रृंखला के माध्यम से, मैंने जो कुछ भी सीखा है उसे ऑनलाइन सेल्स और एक सफल ई-कॉमर्स सेटअप को चलाने में शामिल विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में बताऊंगा।

अगर आप एक रिटेलर हैं और आपकी मौजूदगी ऑनलाइन है या अपने कारोबार को ऑनलाइन ले जाने की इच्छा रखते हैं तो ये लेख आपके लिए बेहद कारगर साबित होगी। ये आर्टिकल अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बारे में बताएगा जो आपके पास मौजूद हैं। इसके बाद आप फैसला कर पाएंगे कि आपके कारोबार के लिए कौन सा प्लेटफॉर्म ज्यादा बेहतर है।

ई-कॉमर्स वेंचर्स में कैसे एंट्री करें?
एक विक्रेता के तौर पर जब आप ऑनलाइन कारोबार के लिए स्ट्रैटेजी बनाते हैं और ग्रोथ की पूरी प्लानिंग करते हैं और बेहतर से बेहतर सॉल्युशन के लिए काम करते हैं। लेकिन जब आपके पास विकल्पों का भंडार हो फिर आप कैसे तय करेंगे कि किस स्ट्रैटेजी का चुनाव करना चाहिए। हर विकल्प आपको एक दूसरे से कई बार बेहतर भी लगने लगता है। लेकिन आप फैसला लेने से पहले दो बातों को ध्यान में रखते हैं। लागत यानी कॉस्टिंग क्या होगी और निवेश पर कितना रिटर्न मिलेगा। आप पढ़ें और फिर खुद इसका फैसला करें कि आपके लिए क्या बेहतर है?

ऑनलान सेल्स के कुछ अलग-अलग तरीके हैं जिसका चुनाव आप अपनी जरूरतों के हिसाब से कर सकते हैं।

सोशल मीडिया
ग्राहकों तक अपने प्रोडक्ट की पहुंच बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया सबसे आसान तरीका है। आप जिस प्रोडक्ट को बेचना चाहते हैं अपने सोशल नेटवर्क पर शेयर (साझा) कर सकते हैं। Facebook, Instagram, Twitter, Pinterest, TikTok जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आप अपने प्रोडक्ट के प्रोमोशन के लिए कर सकते हैं। और उम्मीद है कि इसके जरिए आप अपनी पसंद के ग्राहकों तक पहुंच पाएंगे। एक बार जब आपका प्रोडक्ट आपके नेटवर्क में पहुंचा और उसे पंसद किया गया तो एक दूसरे के जरिए यानी वर्ड ऑफ माउथ से इसकी पहुंच बढ़ती ही चली जाएगी। और इसके बाद अगर प्रोमोशन पर आपने थोड़ा खर्च कर दिया तो और ज्यादा लोगों तक पहुंच बढ़ सकती है।

थर्ड पार्टी मार्केटप्लेस
देश और दुनिया के कुछ बड़े ब्रांड Amazons, Flipkarts, और Myntras जैसे प्लेटफॉर्म पर सेलर्स अकाउंट खोलने की सुविधा है, जहां आप अपने प्रोडक्ट्स को लिस्ट कर सकते हैं। इनके प्लेटफॉर्म के जरिए आप अपने प्रोडक्ट्स को काफी बड़ी संख्या में ग्राहकों को खींच सकते हैं। लेकिन आपकी कमाई पर ये कंपनियां आपसे चार्ज वसूलती हैं। प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने लिए कमीशन आपकी प्रोडक्ट की कैटेगरी और आपकी बातचीत के तरीके पर भी निर्भर करता है। ये चार्ज आपकी कमाई का 5% से लेकर 50% तक भी हो सकता है। आप इस प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से मार्केटिंग कॉस्ट को बचा सकते हैं, क्योंकि ग्राहक इन बड़े प्लेटफॉर्म की वजह से खुद-ब-खुद आते हैं। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत ये होती है कि ये मार्केटप्लेस आपको कभी भी ग्राहकों के डेटा आपसे साझा नहीं करेंगे। आप हमेशा अपने प्रोडक्ट के डिस्प्ले के लिए उन पर निर्भर रहेंगे। क्योंकि ऐसे मार्केटप्लेस वाली कंपनियां हो सकता है आपकी प्रोडक्ट की बजाय आपके कंपिटीटर या फिर खुद के प्रोडक्ट लाइन को ज्यादा तरजीह दें, और इसके लिए नियम-कायते वो अपने हिसाब से तय करते हैं। ऐसे में आपको देखना होगा कि थर्ड पार्टी मार्केटप्लेस के लिए जरिए प्रोडक्ट सेल करना आपके लिए कितना फायदेमंद सौदा है।

हाइपरलोकल स्टोर
ये सेटअप भी थर्डपार्टी मार्केटप्लेस से मिलता-जुलता है। सिर्फ फर्क इतना है कि आपको ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक खास जगह मिलती है। और आपके ग्राहक जानते हैं कि वे वास्तव में किससे खरीद रहे हैं। शुरुआत में ये मॉडल ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग के साथ लोकप्रिय था, लेकिन धीरे-धीरे अन्य रिटेल प्रोडक्ट्स के लिए भी खुल गया। लेकिन इस हाइपरलोकर स्टोर प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के लिए आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। लेकिन अगर आपके पास आपके ग्राहकों का डेटा नहीं है और भविष्य में आप एक मजबूत ब्रांड बनाना चाहते हैं और खुद का लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चलाना चाहते हैं तो इस विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि एक बार आपकी सर्विस लोगों को पसंद आ गई तो ग्राहक किसी भी मार्केटप्लेस के जरिए आपके पास आने की कोशिश करेंगे। इसलिए ब्राडिंग के लिहाज से ये अच्छा प्लेटफॉर्म है।

खुद का ऑनलाइन स्टोर कैसे शुरू करें?
आपके पास कई ऐसे डिजिटिल-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं। शॉपीफाई (Shopify), ईकोमॉस (eqomOS), 3डीकार्ट (3dCart), वूकॉमर्स (WooCommerce), बिगकॉमर्स (BigCommerce), मैगैंटो (Magento) जैसे ढेरों विकल्प बाजार में मौजूद हैं। आपको बस अपने लिए सही प्लेटफॉर्म की तलाश करनी होगी। ज्यादातर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म कई तरह की प्रोडक्ट्स और सर्विसेज आपकी जरूरतों के हिसाब से मुहैया करवा सकती हैं, जिससे आपकी लाइफ ज्यादा आसान हो और ऑर्डर प्रोसेसिंग लाइफसाइकल सही तरीके से आगे बढ़ सके। इसके अलावा अपने पार्टनर की तलाश करने में सावधानी जरूर बरतें ताकि आप एक रिटेलर के तौर पर अपने प्रोडक्ट्स पर ज्यादा से ज्यादा फोकस कर सकें। ऐसा नहीं हो कि आप टेक्नोलॉजी साइड में ज्यादा ध्यान दें और आपने प्रोडक्ट्स को नजरअंदाज करें। इसलिए इस काम को डिजिटिल-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मुहैया कराने वाली भरोसेमंद कंपनी पर छोड़ दें। अगर आप प्लेटफॉर्म बदलना चाहते हैं तो आपकी लागत ज्यादा हो सकती है। ऐसे में शुरुआत में ही फैसला लेने से पहले इन बातों का बारीकी से रिसर्च कर लें। इस मॉडल का चुनाव कर आप अपने प्लेटफॉर्म पर सेलर्स बन सकते हैं और खुद का मार्केटप्लेस भी बना सकते हैं।

अंतिम निष्कर्ष
इस आर्टिकल के जरिए मुझे उम्मीद है कि आपने ऑनलाइन सेलिंग के अलग-अलग प्लेटफॉर्म को बारीकी के साथ समझा होगा। साथ ही आपने एक बेसिक समझ डेवलप जरूर कर ली होगी कि कैसे अपने कारोबार को ऑनलाइन फैलाया जा सकता है। हालांकि हर विकल्प की कुछ न कुछ फायदे और नुकसान होते हैं, ऐसे में आपको तय करना है कि आपके लिए बेहतर क्या होगा। इसलिए सबसे पहले जरूरी है कि आप अपने कारोबार को समझें और फिर तय करें कि आपको अगले 3 महीने, 6 महीने, 1 साल, 2 साल या फिर 5 साल में अपने कारोबार को कहां लेकर जाना है। फिर आप तय कर पाएंगे कि आपके कारोबार के लिए सही प्लेटफॉर्म क्या होगा।

कोरोना वायरस की वजह से जिस तरह के बदलाव दुनियाभर में हुए हैं और कारोबार करने का तरीका बदलता जा रहा है, ऐसे में जरूरी हो गया है कि आप अपने कारोबारी योजना में ऑनलाइन रिटेलिंग को जरूर हिस्सा बनाएं ताकि ऐसे दौर में भी आपका बिजनेस आसानी से चलता रहे। इसके लिए अपने बिजनेस और ग्राहकों को ध्यान में रखकर इसका फैसला कर सकते हैं।

सुरक्षित रहें और बिजनेस भी करते रहें!

TGN Bureau
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