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Gold Rate Today: सोने में निवेश करने के ये हैं शानदार 5 ऑप्शन, यहां इनवेस्ट करेंगे तो होगी मोटी कमाई

Gold Rate Today: सोने में हर किसी की दिलचस्पी होती है। चाहे ज्वैलरी (Jewellery) खरीदार हो या फिर ट्रेडर्स और निवेशक हर किसी को सोना (Gold Price Today) आकर्षक लगता है। लेकिन आमतौर पर सोने में लोग ज्वैलरी में ही सबसे ज्यादा खरीदारी करते हैं। गोल्ड ज्वैलरी में उन्हें लगता है कि ज्वैलरी खरीदने पर इस्तेमाल के साथ निवेश का काम भी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि अगर आप सोने (Spot Gold Rate) में निवेश के जरिए पैसे बनाना चाहते हैं तो आपको निवेश के अन्य विकल्प तलाशने होंगे। हम आपको सोने में निवेश के 5 ऐसे विकल्प बताएंगे जिससे आप तय कर पाएंगे कि सोने में निवेश का कौन सा विकल्प आपके लिए ज्यादा बेहतर है।

सोने में निवेश के 5 बेहतरीन तरीके

  1. सावरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond): सालाना 2.50% ब्याज के साथ ही सोने की कीमतों में तेजी का फायदा गोल्ड बॉन्ड में ही मिलता है। यानी गारेंटीड रिटर्न के लिए बढ़िया विकल्प है। इसके साथ जब भी आपको गोल्ड ज्वेलरी खरीदनी हो तो आप गोल्ड बॉन्ड बेचकर ज्वेलरी खरीद सकते हैं। बैंक, पोस्ट ऑफिस में सरकारी बॉन्ड उपलब्ध हैं। साथ ही BSE, NSE, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन के जरिए भी गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी संभव है। इसके अलावा ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए भी खरीदारी की जा सकती है। गोल्ड बॉन्ड खरीदने के लिए ऑनलाइन भुगतान पर 50 रुपए प्रति 10 ग्राम का डिस्काउंट भी दिया जाता है। सरकार अलग-अलग किश्तों में बॉन्ड जारी करती है, तय तारीख के अंदर खरीद के लिए आवेदन करना होगा। कम से कम 1 ग्राम, अधिकतम 4 किलो गोल्ड में निवेश किया जा सकता है। बॉन्ड पेपर और डीमैट दोनों रूप में मौजूद रहते हैं।
  2. गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF): डीमैट अकाउंट के जरिए गोल्ड ETF की खरीद-बिक्री की जा सकती है। गोल्ड ETF स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध रहते हैं। फंड की कीमत सोने की कीमतों पर निर्भर होती है। इस विकल्प में इंट्राडे मूवमेंट में भी पैसा कमाने का मौका होता है। एंट्री और एग्जिट फिजिकल गोल्ड से ज्यादा आसान है। साथ ही रख-रखाव का भी कोई झंझट नहीं होता है, क्योंकि ये डीमैट फॉर्म में उपलब्ध होगा।
  3. गोल्ड फ्यूचर्स (Gold Futures): एक्सचेंज पर ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए ट्रेड आप गोल्ड के वायदा कारोबार में ट्रेड सकते हैं। MCX, NCDEX, BSE, NSE पर गोल्ड के वायदा कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेड कर सकते हैं। सुबह 10 से रात 11:30 बजे तक ट्रेडिंग की सुविधा उपलब्ध है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग महीने भर के लिए होती है, और लॉट में ट्रेडिंग होती है। एक किलो का होता है एक लॉट, लेकिन आपको पूरे कॉन्ट्रैक्ट साइज की बजाय 5-10% मार्जिन भरकर ट्रेड करने का विकल्प मिल जाता है। यानी कम पैसे में बड़े सौदे और बड़ी कमाई के लिए वायदा ट्रेड बढ़िया विकल्प है।
  4. स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): गोल्ड बार या सोने के सिक्कों की खरीद स्पॉट गोल्ड की खरीदारी कही जाती है। 1 ग्राम से 100 ग्राम तक के सिक्के और 10, 50, 100 ग्राम के गोल्ड बार बाजार में उपलब्ध रहते हैं। गोल्ड बार या सिक्के पर प्योरिटी भी लिखी रहती है। इसे फिजिकल फॉर्म में घर या लॉकर में रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कभी भी बेच सकते हैं। गोल्ड बार पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं कटेगा, जबकि सोने के सिक्के में सिर्फ 1% तक चार्ज कट सकता है। एक बार स्पॉट गोल्ड खरीदने के बाद भविष्य में गोल्ड बार या सिक्के से मनपसंद ज्वेलरी बनवा सकते हैं।
  5. गोल्ड ज्वैलरी (Gold Jewellery): इस्तेमाल और निवेश का विकल्प एक साथ आपको गोल्ड ज्वेलरी में ही मिलता है। हालांकि गोल्ड ज्वेलरी खरीदने से पहले कुछ सावधानी जैसे सोने की शुद्धता को जरूर परखना चाहिए। हॉलमार्क वाली ज्वेलरी खरीदने पर कोई दिक्कत नहीं होगी। हॉलमार्क वाली ज्वेलरी पर BIS का मुहर लगा रहता है। इसके अलावा गोल्ड ज्वेलरी खरीदने से पहले ज्वेलर्स से मेकिंग चार्ज के बारे में जरूर पूछें ताकि आपको ज्वेलरी ज्यादा महंगी नहीं पड़े।

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